To My Beloved Thief का Episode 3 कहानी को सिर्फ आगे नहीं बढ़ाता, बल्कि उसके इमोशनल लेयर्स को भी गहराई देता है। अब तक जो रिश्ता लियोल और यंजू के बीच हल्की नोक-झोंक और गलतफहमियों तक सीमित था, इस एपिसोड में वही रिश्ता भरोसे, दूरी और अधूरे सच के बीच झूलता नजर आता है। साथ ही, सत्ता, लालच और छिपी हुई साजिशें कहानी को एक गंभीर मोड़ पर ले आती हैं। Episode 3 दर्शक को यह एहसास दिलाता है कि यह ड्रामा सिर्फ रोमांस नहीं, बल्कि सही और गलत के बीच संघर्ष की कहानी है।
एपिसोड की शुरुआत: पहली गलतफहमी और सच का सामना
एपिसोड 3 की शुरुआत सीधे वहीं से होती है, जहां पिछला एपिसोड खत्म हुआ था। लियोल यंजू के सामने आता है और उसे “लेडी फ्लावर” कहकर बुलाता है। यह सुनते ही यंजू के दिमाग में पिछली रात की सारी घटनाएं घूम जाती हैं—खासकर वह पल, जब गांव के मेन बोर्ड पर उसका पोस्टर लगा दिया गया था, जिसमें लिखा था कि अगर कोई उसे देखे तो तुरंत पुलिस ब्यूरो के पास भेज दे। यंजू अपने आप से सोचती है कि पोस्टर लगाना तो ठीक था, लेकिन लियोल को यह कैसे पता चला कि जिसने उसे किस किया था, वह वही लड़की थी। इसी सवाल के साथ वह अचानक पीछे मुड़ती है और लियोल के सामने आकर पूछती है कि क्या वही इंसान था।
लियोल मुस्कुराते हुए कहता है कि आज तो चांद निकला हुआ है, फिर पहचानने में क्या दिक्कत थी। वह यंजू से उस रात के बारे में सफाई मांगता है। यंजू पहले चुप रहती है, फिर माफी मांगती है और बताती है कि उसने उसे गलत समझ लिया था। उसे लगा था कि वह कोई साधारण सर्वेंट है, लेकिन बाद में पता चला कि वह एक रईस आदमी है। गुस्से में वह यहां तक कह देती है कि वह पुलिस ब्यूरो जा रही है। लियोल उसे जाने के लिए कह देता है, लेकिन जाते-जाते उसका हाथ पकड़ लेता है। इसी दौरान यंजू उसकी हथेली पर लगी चोट देख लेती है।
चोट, इलाज और बढ़ता भरोसा
यंजू लियोल को अंदर ले आती है और उसके जख्म पर दवा लगाती है। इलाज करते हुए वह उसे अपने काम के बारे में बताती है—कैसे हर दिन गांव के लोग इलाज के लिए आते हैं, लेकिन दवाइयों की कमी हमेशा बनी रहती है। यंजू पूछती है कि उसके हाथ पर यह चोट कैसे लगी। लियोल बताता है कि किसी ने गलती से तीर चला दिया था। वह किसी की मदद कर रहा था, लेकिन उस इंसान को लगा कि लियोल उसे पकड़वाना चाहता है।
यह सुनकर यंजू के मन में अपराधबोध पैदा होता है। उसे लगता है कि शायद उसने लियोल को गलत समझ लिया था। जब लियोल जाने लगता है, तो यंजू पूछती है कि क्या वह उससे नाराज है। लियोल कहता है कि वह उससे नाराज नहीं है, बल्कि उसकी माफी से नाराज है। उसके मुताबिक, यंजू को उस काम के लिए माफी नहीं मांगनी चाहिए थी। यह कहकर वह चला जाता है, लेकिन इस छोटी-सी बातचीत से दोनों के बीच एक अलग तरह का रिश्ता बनना शुरू हो जाता है।
पोस्टर, पुलिस और छिपी पहचान
अगले सीन में छत पर एक बिल्ली दिखाई देती है, लेकिन उसकी परछाई किसी इंसान जैसी लगती है। यह इशारा करता है कि कोई न कोई यहां छिपकर सब कुछ देख रहा है। लियोल डेचुल के पास पहुंचता है, जो यंजू के पोस्टर दिखाते हुए कहता है कि वह महिला अभी तक नहीं मिली। तभी वहां यूनबॉक और कुछ सोल्जर आ जाते हैं और लियोल से पूछते हैं कि क्या वह ठीक है।
इधर यंजू डोंगजू के पास जाती है। डोंगजू बताती है कि पुलिस ब्यूरो में उससे पूछताछ हुई थी, लेकिन नए अधिकारी ने उसे चावल की बोरियां दे दीं। यंजू उस नए अफसर के बारे में पूछती है। उसके हुलिए का वर्णन सुनकर यंजू समझ जाती है कि वही आदमी लियोल था, जो कुछ देर पहले उससे मिलने आया था।
सत्ता, ब्लैकमेल और डायरी का रहस्य
दूसरी ओर, सायोंग चीफ इंस्पेक्टर किम से मिलता है और उसके सामने एक डायरी रखता है, जिसमें किम के सारे गंदे काम दर्ज होते हैं—जबरदस्ती जमीन हड़पना, सर्वेंट्स को पीट-पीटकर मारना। किम गुस्से में चिल्लाता है और पूछता है कि क्या सायोंग इसी तरह मिनिस्टर को भी ब्लैकमेल करता है। सायोंग शांत लहजे में कहता है कि किम की किस्मत अच्छी है कि यह डायरी अभी तक सही हाथों में नहीं पहुंची।
इसी बीच डेचुल अपने पिता मिजिक से झगड़ा करता है। वह पूछता है कि यंजू की शादी का सामान वापस क्यों कर दिया गया। मिजिक गुस्से में उसे याद दिलाता है कि यंजू उसकी बहन है। यह पारिवारिक टकराव दिखाता है कि यंजू की शादी सिर्फ रिश्ता नहीं, बल्कि सत्ता और स्वार्थ से जुड़ा मामला है।
जीआई अपने घर आता है और पता चलता है कि उसने परीक्षा पास कर ली है। तभी उसे मालूम पड़ता है कि यंजू की शादी का सामान वापस कर दिया गया है। सोंगजे गुस्से में कहता है कि जब जीआई पढ़ाई के लिए बाहर गया था, तब उसके पिता और मिजिक दोस्त थे और यंजू की शादी तय हुई थी। बातचीत के दौरान यह चौंकाने वाला सच सामने आता है कि यंजू किसी की कंक्यूबाइन नहीं, बल्कि जीआई के दादा की होने वाली थी। यह सुनकर जीआई हैरान रह जाता है।
दवाइयां, महल और नाम का राज
यंजू और बाकी फिजिशियन देखते हैं कि सोल्जर ढेर सारी दवाइयां लेकर आए हैं। बताया जाता है कि ये सब प्रिंस लियोल की तरफ से भेजी गई हैं। यंजू को समझ नहीं आता कि अचानक इतनी मदद क्यों मिली, लेकिन दर्शक जानते हैं कि इसकी वजह वही बातचीत है, जब यंजू ने दवाइयों की कमी का जिक्र किया था।
उधर लियोल महल में अपनी मां से मिलने जाता है, लेकिन क्वीन डाउजर उसे मिलने से मना कर देती है। बाहर आकर उसे बताया जाता है कि दवाइयां भेज दी गई हैं और उसका नाम भी लिया गया है। लियोल नाराज हो जाता है, क्योंकि वह नहीं चाहता था कि उसका नाम सामने आए।
हेरिम, पीछा और नई उलझन
हेरिम अपने सर्वेंट के साथ होती है, तभी उसे पता चलता है कि उसका भाई जिनोन आ रहा है। वह डरकर छिप जाती है और बाद में लियोल से मदद मांगती है। दोनों घोड़े पर निकल जाते हैं। रास्ते में जिनोन एक पल के लिए लियोल को देख लेता है, लेकिन पहचान नहीं पाता। हेरिम बताती है कि उसका भाई मानता है कि महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
इसी दौरान लियोल फिर यंजू से मिलने आता है। एक मरीज की हालत बिगड़ जाती है। यंजू और लियोल मिलकर उसकी मदद करते हैं। लियोल देखता है कि यंजू के हाथ पर चोट लग गई है। वह अपना कपड़ा फाड़कर उसके हाथ पर बांध देता है। यह सीन दोनों के बीच बढ़ते लगाव को साफ दिखाता है।
अफवाहें, गलतफहमियां और दूरी
यंजू लियोल को बताती है कि प्रिंस लियोल के बारे में कैसी-कैसी अफवाहें फैली हैं—कि वह हैंडसम है, लेकिन हर रोज किसी नई महिला के साथ रहता है। लियोल झुंझलाकर कहता है कि ऐसा नहीं है, यह उसका पहला मौका है। यंजू उसे अजीब नजरों से देखती है, क्योंकि वह तो प्रिंस लियोल की बात कर रही थी।
इसी बीच जिनोन आ जाता है और लियोल को प्लेबॉय कहकर बाहर निकाल देता है। यंजू लियोल का बचाव करती है और कहती है कि वह पुलिस ब्यूरो में काम करता है और अच्छा इंसान है। फिर भी लियोल को वहां से जाना पड़ता है।
चीफ इंस्पेक्टर किम गुस्से में अपनी डायरी जलाने की कोशिश करता है, लेकिन डोंगजू अनजाने में उसे बचा लेती है। बाद में वह डायरी यंजू को देती है। यंजू पढ़कर समझ जाती है कि इसमें कितने भयानक अपराध दर्ज हैं।
रात को लियोल को एक तीर के साथ चिट्ठी मिलती है। सामने गिलडोंग आता है और डायरी सौंप देता है। लियोल पढ़कर समझ जाता है कि चीफ इंस्पेक्टर ने क्या-क्या किया है। गिलडोंग चाहता है कि लियोल उसे सजा दिलाए। लियोल उसे चेतावनी देता है कि छोटी-मोटी चोरियां छोड़ दे, वरना पकड़ा जाएगा। गिलडोंग चला जाता है और अपनी पहचान बदलकर फिर यंजू बन जाता है।
यहां यंजू को लगता है कि उसने लियोल पर भरोसा करके गलती कर दी। वह खुद को सिर्फ एक चोर मानती है और समझ नहीं पाती कि क्या सही है।
गिरफ्तारी, साजिश और बढ़ता खतरा
लियोल डायरी अपने भाई को दिखाता है। चीफ इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर लिया जाता है। गांव में नोटिस लगता है कि जिन लोगों की जमीन छीनी गई थी, उन्हें वापस कर दी गई है। सभी खुश होते हैं। लेकिन सायोंग को शक होता है कि डायरी कैसे लियोल तक पहुंची। वह अपने आदमी से कहता है कि लियोल पर नजर रखो।
इधर जिया यंजू से मिलने आता है और उसे शादी के बारे में चेतावनी देता है। यंजू घर लौटती है और अपने पिता से बहस करती है। वह कहती है कि शादी का सामान वापस नहीं करना चाहिए था, लेकिन उसकी मां समझाती है कि सम्मान ज्यादा जरूरी है।
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आखिरी सीन: भावनाओं का टकराव
रात में लियोल यंजू से मिलने आता है। दोनों छत पर बैठते हैं। शांत माहौल में बातचीत होती है। यंजू कहती है कि उसे रात पसंद है, क्योंकि सब कुछ थम जाता है। लियोल बताता है कि वह वह कपड़ा लेने आया है, जो उसने उसके हाथ पर बांधा था।
यंजू उसे बताती है कि चीफ इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी के लिए धन्यवाद, लेकिन लियोल कहता है कि उसे धन्यवाद किसी और को देना चाहिए। बातचीत के दौरान लियोल पूछता है कि क्या यंजू किसी को पसंद करती है। वह कहता है कि वह अपना पहला कदम बढ़ाने वाला है। तभी दरवाजा खुलता है और जीआई आ जाता है। वह दोनों को साथ देखकर गुस्से में पूछता है कि यह कौन है। यंजू उसे शांत करने जाती है, लेकिन जीआई उसे अपनी बाहों में पकड़कर कहता है कि इस आदमी को बताओ कि मैं कौन हूं।
इसी सवाल और टकराव के साथ Episode 3 खत्म होता है, और दर्शक Episode 4 का बेसब्री से इंतजार करने लगते हैं।
To My Beloved Thief Episode 3 Review
Episode 3 की सबसे बड़ी ताकत उसका मानवीय भाव है। लियोल और यंजू के बीच जो छोटे-छोटे पल दिखाए गए हैं—जैसे चोट पर मरहम लगाना, चुपचाप एक-दूसरे को देखना या बिना नाम बताए मदद करना—वही इस एपिसोड को खास बनाते हैं। यहां रोमांस शोर नहीं मचाता, बल्कि खामोशी में पनपता है। लियोल का यह कहना कि वह यंजू की “माफी” से नाराज है, साफ दिखाता है कि वह उसे कमजोर नहीं, बल्कि बराबरी का इंसान मानता है। यह बात उनके रिश्ते को साधारण से ऊपर उठा देती है।
दूसरी ओर, यंजू का किरदार और मजबूत होकर सामने आता है। वह सिर्फ एक फिजिशियन या चोर नहीं है, बल्कि एक ऐसी लड़की है जो सही काम करना चाहती है, भले ही रास्ता गलत क्यों न लगे। डायरी वाला ट्रैक इस बात को और पुख्ता करता है। जब यंजू को पता चलता है कि चीफ इंस्पेक्टर ने कितने अपराध किए हैं, तो वह डरती जरूर है, लेकिन सच को दबाने की कोशिश नहीं करती। यही उसकी सबसे बड़ी खूबी है—वह हालात से हारती नहीं, बल्कि उनसे जूझती है।
लियोल का किरदार भी इस एपिसोड में और दिलचस्प हो जाता है। वह सत्ता में होते हुए भी उसका दिखावा नहीं करता। दवाइयां भेजना, लेकिन नाम सामने न आने देना—यह दिखाता है कि वह मदद इसलिए करता है क्योंकि जरूरत है, न कि तारीफ पाने के लिए। हालांकि, जब वह खुद को सबसे अलग रखने की कोशिश करता है, तो वहीं से गलतफहमियां पैदा होती हैं। यही दूरी आगे चलकर उनके रिश्ते की सबसे बड़ी परीक्षा बनने वाली है।
एपिसोड का आखिरी हिस्सा खास तौर पर असर छोड़ता है। छत पर बैठी यंजू, शांत रात और लियोल की वह सीधी-सी पूछताछ—“क्या तुम किसी को पसंद करती हो?”—यह सवाल सिर्फ यंजू से नहीं, बल्कि दर्शक से भी पूछा गया लगता है। तभी जीआई का आना और टकराव पैदा करना कहानी को अगले लेवल पर ले जाता है। यह साफ हो जाता है कि आगे सिर्फ प्यार नहीं, बल्कि टकराव, जलन और सच्चाई की लड़ाई भी देखने को मिलेगी।
कुल मिलाकर, Episode 3 भावनाओं और साजिशों का बेहतरीन संतुलन है। यह न तो जरूरत से ज्यादा ड्रामेटिक है और न ही बहुत हल्का। यह एपिसोड धीरे-धीरे दिल में उतरता है और अंत तक पहुंचते-पहुंचते दर्शक को मजबूर कर देता है कि वह अगला एपिसोड तुरंत देखना चाहे। यही एक अच्छे K-Drama की असली जीत होती है।







