दोस्तों, क्या आपने कभी सोचा है कि जिस इंसान को आप दुनिया का सबसे बड़ा इंसाफ करने वाला मानते हों, वही रातों-रात एक ‘कातिल’ बन जाए? ‘The Judge Returns‘ के आखिरी एपिसोड्स (11-14) ने हमें कुछ ऐसा ही हिला देने वाला मोड़ दिखाया है। जहाँ एक तरफ हान-यंग अपने पिता की बेगुनाही साबित करने के लिए सिस्टम से लड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसके अपने ही उसे गहरे कुएं में धकेलने की साजिश रच चुके हैं। प्यार, गद्दारी और वो खौफनाक बदला—इस फिनाले ने साबित कर दिया कि सत्ता की कुर्सी पर बैठे लोग किसी के सगे नहीं होते। क्या हान-यंग खुद को बेगुनाह साबित कर पाएगा, या शिन-जिन का बुना हुआ जाल उसे हमेशा के लिए सलाखों के पीछे ले जाएगा? चलिए, इस रोंगटे खड़े कर देने वाले सफर के हर एक सीन को करीब से देखते हैं!
एपिसोड 11: मिनिस्टर और माफिया का गठबंधन
एपिसोड की शुरुआत वहीं से होती है जहाँ सभी मीटिंग कर रहे होते हैं। तभी मिनिस्टर यून-सून की एंट्री होती है, जो कहती है कि हमें साथ मिलकर पैसा कमाना होगा। हान-यंग को एहसास होता है कि यह करप्शन उसके अंदाज़े से कहीं बड़ा है। शिन-जिन, हान-यंग को क्वांग-टू से मिलवाता है। क्वांग-टू को याद आता है कि हान-यंग के पिता को उसी के कारण जेल जाना पड़ा था और हान-यंग बदला लेने आया है। शिन-जिन उसे अपने रेस्टोरेंट ले जाकर ‘जस्टिस’ की अपनी परिभाषा समझाता है। इधर, जी-ने को ताई-सिक के इल्लीगल लोन का पता चलता है और वो हान-यंग को अलर्ट करती है।
एपिसोड 12: ब्लैकमेल और ताई-सिक का अतीत
सगंगडे को पता चलता है कि उसे फंसाया गया है। चोलू और हान-यंग उसे पैसे देकर ब्लैकमेल करते हैं ताकि वो उनके खिलाफ गवाही न दे। वहीं, सई हान-यंग के माता-पिता से मिलती है, लेकिन हान-यंग को फ्यूचर का सीन याद आता है कि सई आगे चलकर बदल जाएगी। ताई-सिक को अरेस्ट किया जाता है। पूछताछ में जी-ने ताई-सिक को उसके हिडन सेविंग्स अकाउंट की याद दिलाती है, जिससे वो डर जाता है। ताई-सिक को अचानक याद आता है कि जी-ने का पिता वही है जिसे उसने मजे के लिए टॉर्चर किया था। वो उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाता है।
एपिसोड 13: कत्ल का इल्जाम और भागता हुआ जज
क्वांग-टू ‘शिन-जिन हैप्पीनेस’ नाम से एक फर्जी फाउंडेशन शुरू करता है ताकि पैसा लूटा जा सके। हान-यंग अपनी माँ को उसमें डोनेट करने से रोकता है। ना-यून चोरी-छिपे फाउंडेशन के कंप्यूटर से सबूत निकाल लेती है। इधर, शिन-जिन अपने ही आदमी जुन को मारने का हुक्म देता है, पर जुन बच निकलता है और कत्लेआम शुरू कर देता है। शिन-जिन गुस्से में मिनिस्टर गयून को मार देता है और सारा इल्जाम हान-यंग पर मढ़ देता है। सई अपने पिता के कहने पर हान-यंग का इस्तेमाल किया हुआ बैंडेज गयून की लाश पर रख देती है ताकि हान-यंग फंस जाए। अब हान-यंग एक भगोड़ा अपराधी बन चुका है।
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एपिसोड 14: आखिरी जंग और फाइनल फैसला (Grand Finale)
हान-यंग हॉस्पिटल से भाग जाता है। उसकी टीम क्वांग-टू के ऑफिस से एक पेनड्राइव ढूँढती है जो एक घड़े (Pot) के नीचे छिपी थी। इसमें सभी मिनिस्टर्स के काले कारनामों की लिस्ट होती है। शिन-जिन समंदर के रास्ते भागने की कोशिश करता है, जहाँ हान-यंग, जंगो और चोलू उसे घेर लेते हैं। कोर्ट में जी-ने एविडेंस पेश करती है और शिन-जिन को मृत्युदंड की सजा सुनाई जाती है।
अंत और सस्पेंस:
जी-ने, हान-यंग के पेरेंट्स से माफी मांगती है। सई अपनी गलती के लिए शर्मिंदा होकर पढ़ाई के लिए विदेश चली जाती है। आखिरी सीन में, हम देखते हैं कि क्वांग-टू और शिन-जिन के खत्म होने के बाद भी करप्शन थमा नहीं है। एक नया अनजान विलेन आ चुका है जिसके सामने ली-सियो मुस्कुरा रहा है। ड्रामा इस संकेत के साथ खत्म होता है कि सीजन 2 की शुरुआत यहीं से होगी।
Review: इंसानियत और इंसाफ की लड़ाई
भाई, यह फिनाले वाकई में रोंगटे खड़े कर देने वाला था। सबसे जबरदस्त सीन वह था जब हान-यंग को पता चलता है कि सई ने ही उसे फंसाया है, फिर भी वो अपना मिशन पूरा करता है। करप्शन की जड़ें कितनी गहरी हैं, यह आखिरी सीन में नए विलेन की एंट्री से साफ़ हो जाता है। यह ड्रामा हमें सिखाता है कि बदले की आग में इंसान को खुद भी जलना पड़ता है, पर जीत हमेशा सच की होती है।







