The Judge Returns K-Drama Episode 8 Hindi Recap & Review

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मैं Nav हूँ, Drama Safar का फ़ाउंडर और K-Drama, C-Drama और Movies का बहुत बड़ा फ़ैन। तीन साल तक लगातार देखने के बाद, अब मैं आपके...
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The Judge Returns K-Drama Episode 8 Hindi Recap & Review

Episode 8 की शुरुआत से ही यह साफ हो जाता है कि The Judge Returns अब सिर्फ एक क्राइम या कोर्टरूम ड्रामा नहीं रहा। यह एपिसोड इंसाफ, बदले और आत्मसंघर्ष की उस सीमा पर खड़ा है, जहां सही और गलत के बीच फर्क करना आसान नहीं रहता। हानियंग अब सिर्फ कानून का रखवाला नहीं, बल्कि एक ऐसा इंसान बन चुका है जो हर कदम पर अपने अतीत, अपने पिता और अपने फैसलों से लड़ रहा है। यह एपिसोड दर्शक को धीरे-धीरे यह एहसास दिलाता है कि असली लड़ाई अपराधियों से नहीं, बल्कि सिस्टम और खुद से होती है।

The Judge Returns Episode 8: जब कातिल सामने था और जज ने कानून चुना

एपिसोड 8 की शुरुआत सीधे एक जानलेवा मोड़ से होती है। हानियंग जैसे ही कमरे में दाखिल होता है, वह देखता है कि किलर जून यंगजिन को मारने की कोशिश कर रहा है। बिना एक पल गंवाए हानियंग उस पर हमला करता है और दोनों के बीच ज़बरदस्त फाइट शुरू हो जाती है। यह कोई साधारण लड़ाई नहीं होती, बल्कि बदले और सच्चाई के बीच की टक्कर होती है। इसी बीच यंगजिन का सेक्रेटरी अंदर आता है और अपने बॉस की हालत देखकर घबरा जाता है। वह हानियंग पर हमला करने वाला होता है, लेकिन हानियंग साफ कह देता है कि जिसने यह सब किया है, वह उसके सामने खड़ा है।

लड़ाई फिर से भड़कती है। जून पूरी ताकत से हानियंग को खत्म करना चाहता है, लेकिन सही वक्त पर जंगो की एंट्री होती है और वह हालात को संभाल लेता है। जून मौके का फायदा उठाकर भाग जाता है, लेकिन जाते-जाते कई सवाल छोड़ जाता है। इसी दौरान यंगजिन के पास से एक पेनड्राइव मिलती है, जिसमें असेंबली मैन जोंगताई के खिलाफ पुख्ता सबूत होते हैं। यही पेनड्राइव इस एपिसोड की सबसे बड़ी चाबी बन जाती है।

पेनड्राइव का राज़ और जोंगताई की उलटी गिनती

पेनड्राइव को तुरंत चोलू के पास भेज दिया जाता है। चोलू यंगजिन से पूछताछ करता है और अब यंगजिन टूट चुका होता है। वह सब कुछ उगल देता है—जोंगताई ने कैसे केस मैनेज किए, लोगों को डराया और सिस्टम को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया। वहां मौजूद एक पुलिस ऑफिसर यह सारी बातें सुन लेता है और तुरंत शजिन को सूचना देता है।

जोंगताई को जैसे ही भनक लगती है कि उसका नाम लिया जा चुका है, वह खुद चोलू को कॉल करके मिलने के लिए बुलाता है। दूसरी ओर शजिन, जून से मिलकर अपना अगला दांव चलता है। जून अपनी नाकामी पर शर्मिंदा होता है, लेकिन शजिन उसे याद दिलाता है कि उसका गांव और उसकी जिंदगी उसी के हाथ में है। अब खेल और भी खतरनाक हो जाता है।

चोलू को हानियंग चेतावनी देता है कि जोंगताई का बुलावा एक ट्रैप हो सकता है, लेकिन चोलू कानून पर भरोसा करता है और वहां चला जाता है। यहीं से एपिसोड तनाव से भर जाता है।

शजिन, हानियंग और टूटती सच्चाइयां

इसी बीच शजिन हानियंग को बुलाता है और दोनों साथ बैठकर टीवी पर गेहून को बर्बाद होते हुए देखते हैं। मीडिया ब्रेकिंग न्यूज़ दिखाती है कि गेहून की बेटी को गिरफ्तार कर लिया गया है। हानियंग शजिन से पूछता है कि उसने गेहून को इतनी बेरहमी से क्यों कुचला। शजिन का जवाब ठंडा और खौफनाक होता है—उसके लिए गेहून सिर्फ एक कचरा था।

यहीं हानियंग को एहसास होता है कि चोलू सच में खतरे में है। वह शजिन से चोलू के रिश्ते के बारे में पूछता है, लेकिन शजिन बात टाल देता है। दूसरी ओर चोलू जब जोंगताई से मिलने पहुंचता है, तो वहां उसे उसकी मौत की खबर मिलती है। जैसे ही वह लौटने लगता है, पीछे से जून हमला करता है और उसे मारने की कोशिश करता है।

उसी वक्त शजिन हानियंग से सच जानना चाहता है—कि वह उसके पास क्यों आया था। हानियंग मजबूरी में अपने पिता की सच्चाई बता देता है कि वह उस जज को बर्बाद करना चाहता है जिसने उसके पिता को जेल भेजा था। यही कबूलनामा कहानी को पूरी तरह पलट देता है।

कोर्टरूम में सन्नाटा और इंसाफ की पहली जीत

अगला सीन कोर्टरूम का है, जहां यंगजिन का ट्रायल चल रहा होता है। इस बार हानियंग जज की कुर्सी पर नहीं होता, लेकिन उसकी मौजूदगी हर किसी को महसूस होती है। यंगजिन उसे देखकर पहचान लेता है और समझ जाता है कि वही मास्क मैन था जो उसे मारने आया था।

हानियंग यंगजिन को पहले ही समझा देता है कि कोर्ट में कुछ मत कहना। यंगजिन चुप रहता है और यही चुप्पी उसके खिलाफ सबसे बड़ा हथियार बन जाती है। चोलू केस को मजबूती से पेश करता है और अदालत यंगजिन को 10 साल की सजा और 5 बिलियन के जुर्माने का फैसला सुनाती है।

मिनकू का पिता पहली बार सुकून महसूस करता है। यह पल दिखाता है कि कानून अगर सही हाथों में हो, तो देर से ही सही, इंसाफ ज़रूर मिलता है।

सत्ता की राजनीति और चीफ जस्टिस का पतन

कोर्ट से बाहर कहानी और भी बड़ी हो जाती है। गेहून, जो कभी ताकतवर था, अब घुटनों पर बैठा दिखाई देता है। शजिन उसे ताना मारता है और फिर आयन को कॉल करके अगला गठबंधन बनाता है। अब उनका टारगेट होता है नामियन।

शजिन की प्लानिंग के तहत चीफ जस्टिस हैंगवू को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जाता है। शजिन नाम से कहता है कि अगला चीफ जस्टिस वही बनेगा। इसी बातचीत को पास के कमरे में छिपकर हानियंग सुन लेता है। उसे समझ आ जाता है कि यह खेल सिर्फ बदले का नहीं, बल्कि पूरे न्याय सिस्टम को कंट्रोल करने का है।

शजिन बाद में हानियंग को नाम यंग के बेटे ताइसंग के बारे में बताता है, जिससे संकेत मिलता है कि आगे की कहानी और भी पर्सनल होने वाली है।

Also Read: The Judge Returns K-Drama Episode 9 Hindi Recap & Review

एपिसोड 8 का अंत: नया टारगेट और आने वाला तूफान

एपिसोड के आखिरी हिस्से में हानियंग लीसियो और जंगसिक के साथ होता है। उससे सीधे सवाल पूछे जाते हैं कि वह शजिन के साथ क्यों मिल रहा है, लेकिन हानियंग सच्चाई नहीं बता पाता। उसकी खामोशी बताती है कि वह किसी बड़े खेल की तैयारी कर रहा है।

अंतिम सीन में हानियंग हेनलन लॉ फर्म पहुंचता है और साफ कह देता है कि अब अगला निशाना लीसियो होगा। उसके पास सिर्फ एक ही मौका है और वह इस बार चूकना नहीं चाहता। यहीं Episode 8 खत्म होता है, लेकिन साथ ही Episode 9 के लिए ज़बरदस्त उत्सुकता छोड़ जाता है।

The Judge Returns K-Drama Episode 8 Review

Episode 8 दिल को इसलिए छूता है क्योंकि यहां हानियंग के फैसले सिर्फ कानून के पन्नों से नहीं, बल्कि उसके ज़मीर से निकलते हैं। वह मौके पर बदला ले सकता था, लेकिन उसने अदालत को चुना—और यही उसे बाकी सब से अलग बनाता है। यंगजिन की चुप्पी, मिनकू के पिता की आंखों में दिखता सुकून और कोर्ट में सुनाया गया फैसला, यह सब मिलकर यह साबित करता है कि इंसाफ सिर्फ सज़ा नहीं, बल्कि किसी के दर्द को मान्यता देना भी होता है। इस एपिसोड में हर जीत अधूरी लगती है, क्योंकि हर सच्चाई के पीछे एक और गहरी साजिश छिपी हुई है।

सबसे ज़्यादा असर तब पड़ता है जब हानियंग को एहसास होता है कि जिन लोगों के साथ वह खड़ा है, वही लोग पूरे न्याय तंत्र को अपने हाथों में लेना चाहते हैं। शजिन के साथ उसकी बातचीत और छुपकर सुनी गई सच्चाइयां दर्शक को बेचैन कर देती हैं। Episode 8 हमें यह सवाल छोड़ देता है कि अगर सिस्टम ही गंदा हो जाए, तो एक ईमानदार जज कितना दूर तक लड़ सकता है। यही वजह है कि यह एपिसोड खत्म नहीं होता, बल्कि दर्शक के दिमाग में चलता रहता है—Episode 9 के इंतज़ार के साथ।

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मैं Nav हूँ, Drama Safar का फ़ाउंडर और K-Drama, C-Drama और Movies का बहुत बड़ा फ़ैन। तीन साल तक लगातार देखने के बाद, अब मैं आपके सभी पसंदीदा शो और फ़िल्मों पर छोटे हिंदी रीकैप और ताज़ा खबरें बनाता हूँ—जो दिल से, सिर्फ़ दूसरे फ़ैन्स के लिए बनाए गए हैं।
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