Spring Fever का दूसरा एपिसोड वहीं से कहानी को आगे बढ़ाता है जहाँ पहले एपिसोड ने दिल में सवाल छोड़ दिए थे। यह एपिसोड शोर-शराबे या ज़्यादा ड्रामा पर नहीं, बल्कि छोटी-छोटी भावनाओं, अधूरी यादों और अनकहे रिश्तों पर फोकस करता है। यूनबम की शांत लेकिन टूटी हुई दुनिया और जेग्यू का रहस्यमयी लेकिन सीधा स्वभाव, दोनों धीरे-धीरे एक-दूसरे से टकराने लगते हैं। Episode 2 यह साफ कर देता है कि यह कहानी सिर्फ़ एक रोमांस नहीं है, बल्कि पास्ट के ज़ख्म और वर्तमान की उलझनों की कहानी है।
स्कूल से शुरू होती उलझन और रिश्तों की पहली दरार
एपिसोड 2 की शुरुआत वहीं से होती है जहाँ पिछले एपिसोड में कहानी रुकी थी। जेग्यू यूनबम को “बोम” कहकर बुलाता है और यूनबम उसे लगातार देखती रह जाती है, जैसे उसकी आवाज़ या यह नाम उसके दिमाग में कहीं अटका हुआ हो। जेग्यू हल्के मज़ाक में कहता है कि उसे लगता है उसकी दोस्त भी उसे इसी नाम से बुलाती होंगी। यह सुनकर यूनबम अनजाने में हँस देती है। वह खुद हैरान होती है क्योंकि वह आमतौर पर किसी से ऐसे रिएक्ट नहीं करती।
इसी बीच स्कूल का सीन आता है, जहाँ हानगल एंट्री करता है। रास्ते में सेजिन उसे रोक लेती है। हानगल याद दिलाता है कि उसने तो कहा था कि वह उससे बात नहीं करेगी, फिर अब क्या हुआ। सेजिन थोड़ा असहज होकर कहती है कि कभी-कभी इंसान जल्दबाज़ी में गलत बातें कह देता है। वह मानती है कि क्लास में पेरेंट्स को लेकर सवाल पूछना उसकी गलती थी और वह इसके लिए माफ़ी माँगती है। हानगल कुछ देर उसे देखता रहता है, फिर उसका फोन लेकर अपना नंबर सेव करता है और कहता है कि अगर कभी कोई परेशानी हो तो उसे कॉल कर लेना। यह कहकर वह चला जाता है। सेजिन पीछे से उसे देखती है और मन ही मन कहती है कि उसकी एक्टिंग काफ़ी अच्छी है। वह उसके नंबर को अपने फोन में “Evil Han-geol” के नाम से सेव कर लेती है।
अगले सीन में यूनबम क्लास में बच्चों को पढ़ा रही होती है। क्लास के बीच वही गुलदस्ता रखा होता है जो जेग्यू ने दिया था। एक बच्चा शिकायत करता है कि गुलदस्ते की वजह से उसे बोर्ड ठीक से दिखाई नहीं दे रहा। दूसरा बच्चा तुरंत कह देता है कि यह जेग्यू ने दिया है। यूनबम चौंक जाती है और पूछती है कि उसे कैसे पता। बच्चा बता देता है कि गुलदस्ते पर जेग्यू का नाम लिखा हुआ है। यह देखकर यूनबम का एक्सप्रेशन बदल जाता है, जैसे वह अचानक किसी मुश्किल में फँस गई हो।
जेग्यू और यूनबम की नज़दीकियाँ, शक और अधूरी यादें
अगले सीन में जेग्यू अपनी गाड़ी लेकर स्कूल आता है। तभी वह देखता है कि कुछ टीचर मिलकर गुलदस्ते को बाहर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनसे वह उठ नहीं पा रहा। जेग्यू आगे बढ़ता है और पूछता है कि क्या हो रहा है। यूनबम साफ कह देती है कि स्कूल में इस तरह का गुलदस्ता रखना सही नहीं है और वह इसे वापस ले जा सकता है। जेग्यू बिना कुछ कहे गुलदस्ता उठाता है, गाड़ी में रखता है, विंडो खोलता है और यूनबम से कहता है कि वह भी साथ चले। वह कहता है कि यह गिफ्ट है और इसे फेंका नहीं जा सकता।
दोनों गाड़ी में बैठते हैं। रास्ते में यूनबम अनजाने में जेग्यू की बॉडी और उसके हाव-भाव को नोटिस करने लगती है। जेग्यू को शक हो जाता है और वह पूछ बैठता है कि क्या वह उसे घूर रही है। यूनबम घबरा जाती है और मना कर देती है। जेग्यू मुस्कुराकर कहता है कि वह झूठ बोल रही है। यूनबम मन ही मन सोचती है कि वह एक्सपोज़ हो गई है और तुरंत सफ़ाई देती है कि वह तो GPS देख रही थी। लेकिन जेग्यू उसे टोक देता है और कहता है कि वह फिर से झूठ बोल रही है, उसे लगा कि शायद वह उसे मिस कर रही होगी।
यूनबम उलझन में पड़ जाती है और कहती है कि वे पहले मिल चुके हैं। जेग्यू पलटकर पूछता है कि उसे क्या लगता है। यूनबम अपने दिमाग में अजीब-अजीब ख्याल लाने लगती है, जैसे कहीं वे पहले लवर्स तो नहीं थे या फिर कहीं उसने उसे किडनैप तो नहीं कर लिया था। जेग्यू उसकी चुप्पी देखकर पूछता है कि वह इतनी देर से क्या सोच रही है। क्या वह उसे बहुत ज़्यादा मिस कर रही है। यूनबम जवाब देती है कि “बुरी तरह मिस करने” का क्या मतलब होता है। जेग्यू हँसते हुए कहता है कि अगली बार वह उसे “मिस बोम” कहेगा।
घर की छत पर पहुँचकर जेग्यू गुलदस्ते को रखता है और उस पर अपना नाम साफ-साफ दिखाता है। यूनबम उसे रोकते हुए कहती है कि उसे उसका नाम पहले से पता है। जेग्यू मौसम की तारीफ करने लगता है, जबकि यूनबम पीछे से उसे फिर से देखती है और खुद को रोकते हुए सोचती है कि वह बार-बार उसे क्यों घूर रही है। जेग्यू उससे कॉफी माँगता है, लेकिन यूनबम कहती है कि उसके पास कॉफी नहीं है और वह अगली बार पिलाएगी।
इसी दौरान जंग-पियो का कॉल आता है। वह यूनबम को बताता है कि उसका एक एनवायरनमेंटल क्लब है और फिलहाल वही उसकी ज़िम्मेदारी संभाले। यूनबम मना करने ही वाली होती है कि कॉल कट जाता है। थोड़ी देर बाद फिर कॉल आता है, लेकिन इस बार फोन पर उसके पिता होते हैं। पिता माफी माँगते हुए कहते हैं कि उन्होंने एक पिता के तौर पर गलत किया और वे उससे मिलना चाहते हैं। यूनबम कुछ नहीं बोल पाती, उसकी आँखों में आँसू आ जाते हैं। तभी जेग्यू वहाँ आता है, उसकी हालत देखकर समझ जाता है कि वह रो रही है और बिना सवाल किए उसे मिठाई थमा देता है। वह कहता है कि जब इंसान उदास होता है और मीठा खाता है तो उसे थोड़ा अच्छा लगता है।
यह बात यूनबम को अजीब लगती है क्योंकि यही शब्द उसने पहले भी कहीं सुने होते हैं। उसके दिमाग में एक धुंधला-सा पास्ट सीन उभरता है, लेकिन चेहरा साफ नहीं दिखता।
पास्ट की परछाइयाँ, पावर प्लांट और बड़ा क्लिफहैंगर
इसके बाद कहानी ननी और आइजुन की तरफ जाती है। ननी अपनी बेटी को ढूँढने की बात करती है और बताती है कि उसने गुस्से में कुछ कड़वी बातें कह दी थीं, जिसकी वजह से उसकी बेटी घर छोड़कर चली गई। फ्लैशबैक में 2002 की फैन मीटिंग दिखाई जाती है, जहाँ छोटी-सी यूनबम अपनी माँ से मिलने आती है और वहीं आइजुन पहली बार उसे देखता है।
दूसरी तरफ जेग्यू पुलिस स्टेशन में होता है। पुलिस उसकी स्टेटमेंट ले रही होती है, लेकिन वह बिल्कुल सीरियस नहीं दिखता। वह पुलिसवाले को भी मीठा खाने की सलाह देता है। यूनबम लाइब्रेरी में बैठी उसी आवाज़ के बारे में सोच रही होती है, तभी बाहर पुलिस स्टेशन के पास जेग्यू को देख लेती है। वह छुपकर उसे देखती है और खुद से सवाल करती है कि वह असल में है कौन।
एनवायरनमेंटल क्लब में यूनबम बच्चों को संभालने की कोशिश करती है, लेकिन बच्चे बोर हो जाते हैं और फील्ड ट्रिप की ज़िद करते हैं। बात पावर प्लांट तक पहुँचती है और पता चलता है कि जेग्यू वहाँ काम करता है। यूनबम पहले मना कर देती है, लेकिन जेग्यू उसे समझाता है कि इससे बच्चों को लगेगा कि हानगल का अंकल बेकार नहीं है। उसकी बात में लॉजिक होता है और यूनबम सोचने के लिए मान जाती है।
एपिसोड के आख़िरी हिस्से में कई कहानियाँ एक साथ चलती हैं। सेजिन घर के दबाव से परेशान होकर भागने का फैसला करती है, हानगल उसका पीछा करता है। दूसरी तरफ यूनबम और जेग्यू साथ में बाहर जाते हैं। एलर्जी, हँसी-मज़ाक और अचानक आई नज़दीकियाँ माहौल को बदल देती हैं।
Also Read: Spring Fever Episode 3 Hindi Recap
एपिसोड 2 का आख़िरी सीन: मेट्रो स्टेशन पर सच्चाई के टुकड़े
मेट्रो स्टेशन वाला आख़िरी सीन पूरे एपिसोड का सबसे अहम मोड़ बन जाता है। यूनबम प्लेटफॉर्म पर खड़ी होती है और दूर से देखती है कि सेजिन किसी आदमी के साथ है। वह तुरंत समझ जाती है कि यह वही लड़की है जिसे वह ढूंढ रही थी, लेकिन मेट्रो के दरवाज़े बंद होने लगते हैं। यूनबम घबरा जाती है, उसका दिल तेज़ धड़कने लगता है क्योंकि अगर यह मेट्रो निकल गई तो सेजिन हाथ से निकल जाएगी।
वह फोन पर जेग्यू को बताती है कि सेजिन उसे दिख गई है, लेकिन मेट्रो चल पड़ी है। जेग्यू बिना एक सेकंड सोचे कहता है कि वह अगले स्टेशन पर मिलेंगे और वहीं से दौड़ पड़ता है। कैमरा दिखाता है कि जेग्यू किस तरह भीड़, प्रोटेस्ट और ट्रैफिक के बीच से पूरी ताकत लगाकर भाग रहा है। रास्ते में लोग उसे अजीब नज़रों से देखते हैं, लेकिन उसे किसी चीज़ की परवाह नहीं होती। उसके चेहरे पर सिर्फ़ एक ही बात होती है – सेजिन को रोकना।
दूसरी तरफ यूनबम मेट्रो के अंदर खड़ी है। उसका दिमाग पूरी तरह उलझा हुआ है। एक तरफ वह एक टीचर है जिसे अपनी स्टूडेंट की ज़िम्मेदारी निभानी है, दूसरी तरफ उसका दिमाग बार-बार अतीत में जा रहा है। उसे जेग्यू की आवाज़, उसके शब्द और उसका “बोम” कहना याद आता है। जैसे-जैसे मेट्रो अगले स्टेशन के पास पहुँचती है, यूनबम का सिर भारी होने लगता है।
मेट्रो रुकती है। यूनबम प्लेटफॉर्म पर उतरती है और चारों तरफ देखती है। जेग्यू अभी तक नहीं पहुँचा होता। तभी सेजिन यूनबम को देख लेती है। दोनों की आँखें मिलती हैं। सेजिन घबरा जाती है और बिना कुछ सोचे भागने लगती है। यूनबम उसे रोकने के लिए आगे बढ़ती है, लेकिन अचानक उसका पैर फिसल जाता है।
यहीं पर सीन स्लो मोशन में चला जाता है। यूनबम गिरने ही वाली होती है। उसी पल पीछे से तेज़ आवाज़ आती है और कैमरा दिखाता है कि जेग्यू पूरी ताकत से दौड़ता हुआ आ रहा है। मेट्रो के दरवाज़े बंद हो रहे होते हैं, लोग चिल्ला रहे होते हैं, लेकिन जेग्यू एक लंबी छलांग लगाता है और ठीक उसी पल यूनबम को अपनी बाहों में पकड़ लेता है।
यूनबम की साँसें थम सी जाती हैं। वह कुछ सेकंड तक जेग्यू की छाती से लगी रहती है। यह पल बिल्कुल वैसा ही होता है जैसा उसने अपने धुंधले अतीत में देखा था। उसी तरह की पकड़, वही एहसास, वही गर्माहट। कैमरा यूनबम की आँखों पर फोकस करता है और उसके दिमाग में फ्लैशबैक चलता है — एक पुराना सीन जहाँ किसी ने बिल्कुल इसी तरह उसे गिरने से बचाया था।
यूनबम धीरे-धीरे ऊपर देखकर जेग्यू की तरफ देखती है। इस बार उसका चेहरा धुंधला नहीं होता। वह साफ़ देख पाती है। उसकी आँखें फैल जाती हैं और उसके अंदर जैसे कोई टूटा हुआ पज़ल पूरा हो जाता है। उसके चेहरे पर शॉक, डर और समझ — तीनों भाव एक साथ होते हैं।
वह मन ही मन कहती है कि अब उसे समझ आ गया है कि जेग्यू कौन है। वह सिर्फ़ हानगल का अंकल या कोई अजीब आदमी नहीं है। वह उसके अतीत से जुड़ा हुआ इंसान है, जिसकी यादें उसने ज़बरदस्ती दबा दी थीं।
जेग्यू उसे संभालते हुए पूछता है कि क्या वह ठीक है। उसकी आवाज़ में चिंता होती है, लेकिन यूनबम कुछ बोल नहीं पाती। वह सिर्फ़ उसे देखती रहती है। मेट्रो स्टेशन का शोर धीरे-धीरे बैकग्राउंड में चला जाता है और सीन पूरी तरह दोनों पर फोकस हो जाता है।
इसी पल के साथ एपिसोड 2 खत्म हो जाता है — बिना किसी जवाब के, लेकिन ढेर सारे सवाल छोड़कर।
अब दर्शक जान चुका होता है कि जेग्यू और यूनबम का रिश्ता सिर्फ़ संयोग नहीं है, बल्कि अतीत से जुड़ा हुआ एक गहरा कनेक्शन है, जिसकी परतें अगले एपिसोड में खुलने वाली हैं।
Spring Fever Episode 2 Review
Spring Fever का Episode 2 बहुत शांति से दिल के अंदर उतरता है। यहाँ कोई ज़बरदस्ती का रोमांस नहीं दिखाया गया, बल्कि हर सीन ऐसा लगता है जैसे असल ज़िंदगी से उठाकर रखा गया हो। यूनबम का बार-बार खुद को रोकना, मुस्कुराने से डरना और लोगों से दूरी बनाए रखना बहुत real लगता है। वह एक ऐसी इंसान लगती है जिसने ज़िंदगी में कुछ ऐसा देखा है जिसे वह भूलना चाहती है, लेकिन यादें उसे भूलने नहीं देतीं।
जेग्यू का कैरेक्टर इस एपिसोड में और ज़्यादा interesting हो जाता है। वह बाहर से अजीब, बेपरवाह और कभी-कभी डराने वाला लगता है, लेकिन उसके actions कुछ और ही कहानी कहते हैं। बिना पूछे मिठाई देना, चुपचाप मदद करना और सही समय पर मौजूद होना — ये सब दिखाता है कि वह दिखने से कहीं ज़्यादा समझदार और sensitive है। खास बात यह है कि वह यूनबम को समझने की कोशिश करता है, उसे बदलने की नहीं।
स्टूडेंट्स की कहानी, खासकर सेजिन और हानगल की ट्रैक, एपिसोड को emotionally heavy बना देती है। बच्चों पर पेरेंट्स का दबाव, comparison और “पहला नंबर” बनने की मजबूरी बहुत realistically दिखाई गई है। सेजिन का भागना कोई childish act नहीं लगता, बल्कि एक ऐसी बच्ची की चीख लगती है जो सांस लेना चाहती है।
एपिसोड की सबसे बड़ी ताकत उसका slow burn है। यहाँ चीज़ें जल्दी नहीं होतीं। हर डायलॉग, हर नज़र और हर चुप्पी का मतलब है। खासकर आख़िरी मेट्रो स्टेशन वाला सीन — वह सिर्फ़ एक रोमांटिक मोमेंट नहीं है, बल्कि यूनबम के टूटे हुए अतीत का दरवाज़ा है जो अचानक खुल जाता है। जेग्यू द्वारा उसे गिरने से बचाना सिर्फ़ एक physical act नहीं, बल्कि उसकी suppressed memories को जगा देता है।
Episode 2 देखने के बाद यह साफ हो जाता है कि Spring Fever उन dramas में से है जो शोर नहीं मचाते, बल्कि धीरे-धीरे दिल पकड़ लेते हैं। यह एपिसोड curiosity पैदा करता है, emotions जगाता है और viewer को मजबूर करता है कि वह Episode 3 का इंतज़ार करे — सिर्फ़ कहानी जानने के लिए नहीं, बल्कि इन किरदारों को और महसूस करने के लिए।
अगर Episode 1 ने foundation रखा था, तो Episode 2 ने उस foundation पर emotions की पहली ईंट रख दी है।
How useful was this post?
Click on a star to rate it!
Average rating 4 / 5. Vote count: 1
No votes so far! Be the first to rate this post.
We are sorry that this post was not useful for you!
Let us improve this post!
Tell us how we can improve this post?







