No Tail to Tell K-Drama Episode 4 Hindi Recap & Review

By
Nav
ByNav
मैं Nav हूँ, Drama Safar का फ़ाउंडर और K-Drama, C-Drama और Movies का बहुत बड़ा फ़ैन। तीन साल तक लगातार देखने के बाद, अब मैं आपके...
7 Min Read
No Tail to Tell K-Drama Episode 4 Hindi Recap & Review

No Tail to Tell का Episode 4 कहानी को एक नए और खतरनाक मोड़ पर ले आता है। यहां सिर्फ फैंटेसी या थ्रिल नहीं है, बल्कि इंसान और किस्मत के बीच की जंग खुलकर सामने आती है। सियोल, जो कभी नेशनल लेवल का स्टार था, अब अपनी पहचान खो चुका है। वहीं यूनो, जो सदियों से इंसानों की किस्मत बदलती आई है, खुद इंसान बनने के कगार पर पहुंच जाती है।

जेल से रिहाई और टूटती हुई पहचान

एपिसोड की शुरुआत सियोल से होती है, जो जेल में ठंड से कांप रहा होता है। न कंबल, न सहारा—ये सीन साफ दिखाता है कि उसकी ज़िंदगी किस तरह पलट चुकी है। जब पुलिस उसे रिहा करती है, तो बाहर योंगिल उसका इंतज़ार कर रहा होता है। योंगिल वही इंसान है जिसने किसी तरह सियोल की मदद की होती है।

योंगिल उसे फॉर्थ डिवीजन में खेलने का ऑफर देता है, लेकिन सियोल के लिए ये ऑफर किसी अपमान से कम नहीं। कभी प्रीमियर लीग का सपना देखने वाला खिलाड़ी अब फॉर्थ डिवीजन में क्यों खेले? यही सवाल सियोल को अंदर से तोड़ देता है।

दोस्ती बनाम बदली हुई डेस्टिनी

सियोल जब वसयोक से फोन पर बात करता है, तब असली झटका लगता है। वसयोक लंदन पहुंच चुका है और अब प्रीमियर लीग प्लेयर बन गया है। यानी दोनों की किस्मत पूरी तरह बदल चुकी है।

सियोल को एहसास होता है कि यह सब यूनो की वजह से हुआ है। वह वसयोक से कहता है कि अब वही विश मांगे, ताकि डेस्टिनी फिर से बदली जा सके। लेकिन वसयोक टाइम मांगता है—एक महीना। यह इंतज़ार सियोल के लिए असहनीय है।

एयरपोर्ट पर टूटी उम्मीदें और यूनो की एंट्री

सियोल भागकर एयरपोर्ट पहुंचता है, लेकिन वहां पता चलता है कि उसका पासपोर्ट एक्सपायर हो चुका है। ठीक उसी पल यूनो सामने आती है। उसका अंदाज़ पहले से बदला हुआ लगता है—जैसे अब वह सियोल को ऊपर से नहीं, बराबरी से देख रही हो।

यूनो कहती है कि सियोल ने सबक सीख लिया है और कल सुबह तक सब कुछ ठीक हो जाएगा। यही उम्मीद सियोल को थोड़ी राहत देती है, लेकिन दर्शक समझ जाता है कि मामला इतना आसान नहीं है।

डचियोल का जाल और राक्षसी डॉग

कहानी का सबसे डरावना मोड़ तब आता है जब डचियोल सियोल को एक अजीब टैक्सी में फंसा लेता है। टैक्सी का रंग बदलना, मूर्तियों का दिखना—ये सब साफ संकेत है कि सियोल अब इंसानों की दुनिया में नहीं है।

सियोल बेहोश होता है और जब आंख खुलती है तो खुद को बंधा हुआ पाता है। सामने डचियोल और लयन होते हैं। यहीं खुलासा होता है कि लयन वही इंसान है जिसने वसयोक का एक्सीडेंट किया था। अब उनका मकसद है यूनो को पकड़ना और मारना।

यूनो बनाम डचियोल: शक्ति की आखिरी लड़ाई

यूनो अपने पहाड़ों वाले घर में होती है, लेकिन अचानक उसकी शक्तियां कमजोर पड़ने लगती हैं। ब्लू क्रिस्टल—जो उसकी ताकत का स्रोत है—असंतुलित हो जाता है। यह पहला संकेत है कि यूनो की फॉक्स वाली शक्ति खत्म होने वाली है।

जब यूनो डचियोल के ट्रैप में फंसती है, तो लगता है कि सब खत्म हो गया। डचियोल उसी खंजर से यूनो को मार देता है—लेकिन वो सिर्फ एक पुतला होता है। असली यूनो सामने आती है और साबित करती है कि वह अब भी डचियोल से एक कदम आगे है।

यूनो डचियोल और लयन को जिंदा छोड़ देती है, क्योंकि वह किसी इंसान को मार नहीं सकती। यही नियम उसे इंसान बनने से रोकता था—और अब वही नियम उसे इंसान बना देता है।

Also Read: No Tail to Tell K-Drama Episode 5 Hindi Recap

इंसान बनी यूनो और नई शुरुआत का डर

ब्लू क्रिस्टल टूटते ही यूनो बेहोश हो जाती है। जब उसे होश आता है, तब सबसे बड़ा सच सामने आता है—यूनो अब इंसान बन चुकी है। न कोई पावर, न कोई अमरता।

सियोल उसे अपने घर ले आता है। पहली बार यूनो सूरज की रोशनी महसूस करती है, भूख लगती है, कमजोरी महसूस होती है। ये सब इंसानी अनुभव हैं, जिनसे वह कभी दूर थी।

यूनो टूट जाती है, गुस्से में मंदिर जलाने की कोशिश करती है, लेकिन सियोल उसे रोक लेता है। यही सीन दिखाता है कि अब रोल्स रिवर्स हो चुके हैं—जिस इंसान की ज़िंदगी यूनो ने बिगाड़ी थी, वही अब उसका सहारा बन गया है।

पहाड़ों की ओर सफर और रहस्यमयी दूसरी फॉक्स

एपिसोड के आखिर में कहानी एक नए रहस्य की ओर बढ़ती है। सियोल को पता चलता है कि शायद यूनो जैसी कोई और फॉक्स भी है, जिसने 20 साल पहले लोगों की मदद की थी।

यूनो इस बात को मानने से इनकार करती है, लेकिन सबूत कुछ और ही कहते हैं। दोनों पहाड़ों की ओर निकल पड़ते हैं, जहां सच छुपा हुआ है।

एपिसोड का आखिरी सीन—यूनो का डरावना सपना, जिसमें सियोल ही उसे मार देता है—दर्शक को बेचैन छोड़ देता है।

No Tail to Tail K-Drama Episode 4 Review

एपिसोड 4 सबसे ज़्यादा इसलिए दिल को छूता है क्योंकि यहां ताकतवर और बेबस की जगहें बदल जाती हैं। सियोल, जो कभी अपनी पहचान और सपनों पर घमंड करता था, अब वही इंसान बन चुका है जिसे दूसरों की मदद की ज़रूरत है। वहीं यूनो, जो सदियों से इंसानों की किस्मत पलटती आई थी, पहली बार खुद असहाय महसूस करती है। जब उसका ब्लू क्रिस्टल टूटता है, तो वह सिर्फ अपनी शक्ति नहीं खोती, बल्कि अपनी पहचान भी खो देती है। यही पल इस एपिसोड को खास बना देता है—क्योंकि यह हमें दिखाता है कि असली डर मौत का नहीं, बल्कि खुद को खो देने का होता है।

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 1

No votes so far! Be the first to rate this post.

As you found this post useful...

Follow us on social media!

We are sorry that this post was not useful for you!

Let us improve this post!

Tell us how we can improve this post?

Share This Article
ByNav
Follow:
मैं Nav हूँ, Drama Safar का फ़ाउंडर और K-Drama, C-Drama और Movies का बहुत बड़ा फ़ैन। तीन साल तक लगातार देखने के बाद, अब मैं आपके सभी पसंदीदा शो और फ़िल्मों पर छोटे हिंदी रीकैप और ताज़ा खबरें बनाता हूँ—जो दिल से, सिर्फ़ दूसरे फ़ैन्स के लिए बनाए गए हैं।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *