To My Beloved Thief का Episode 5 कहानी को पूरी तरह नई दिशा में ले जाता है, जहाँ जादू, पहचान और भावनाएँ आपस में टकरा जाती हैं। आत्माओं के बदलते ही यंजू और लियोल की दुनिया उलट जाती है और दोनों को मजबूरी में एक-दूसरे की ज़िंदगी जीनी पड़ती है। यह एपिसोड सिर्फ एक ट्विस्ट नहीं, बल्कि आगे आने वाले हर बड़े खुलासे की नींव रख देता है।
- यंजू के शरीर में लियोल और सोल एक्सचेंज का सच
- महल में यंजू की दौड़ और हेरिम से मुलाकात
- पहली बार आमने-सामने और सोल एक्सचेंज की पुष्टि
- झूठ, पछतावा और अधूरी भावनाएँ
- यंजू का परिवार और टूटा हुआ सच
- यंजू की फैमिली से मुलाकात और माँ का दर्द
- गिलडोंग का पीछा और चौंकाने वाला मोड़
- आखिरी सीन और आमने-सामने की टक्कर
- To My Beloved Thief Episode 5 Review
यंजू के शरीर में लियोल और सोल एक्सचेंज का सच
एपिसोड की शुरुआत यंजू के जागने से होती है, लेकिन इस बार उसके शरीर के अंदर लियोल की आत्मा होती है। लियोल खुद को महल में समझ रहा होता है, लेकिन जैसे ही वह कुएँ के पानी में अपना चेहरा देखता है, उसे झटका लगता है। यह चेहरा उसका नहीं, बल्कि यंजू का होता है। उसी पल उसे एहसास हो जाता है कि उनकी आत्माएँ आपस में बदल चुकी हैं।
पास में सैनिक गिलडोंग को खोजते हुए चिल्ला रहे होते हैं। हालात को समझते हुए लियोल वहाँ से भाग निकलता है। दूसरी ओर, महल में लियोल की बॉडी के अंदर यंजू की आत्मा जागती है। वह घबराकर खुद से सवाल करती है कि वह यहाँ कैसे पहुँची और यह जगह कौन-सी है। उसे बस इतना पता होता है कि उसे किसी भी तरह अपनी असली बॉडी तक पहुँचना है।
महल में यंजू की दौड़ और हेरिम से मुलाकात
महल से बाहर निकलने का रास्ता ढूंढते हुए यंजू की मुलाकात हेरिम से होती है। हेरिम उसे पहचानती है और कहती है कि वे फिर से मिल गए हैं। यंजू समझ जाती है कि सामने वाली लड़की उसे लियोल समझ रही है। वह उससे पूछती है कि यह जगह कौन-सी है और यहाँ से बाहर कैसे निकला जा सकता है।
हेरिम बताती है कि यह महल है और वह उसकी मदद कर सकती है क्योंकि पहले लियोल ने उसकी मदद की थी। यंजू उसका हाथ पकड़ती है और दोनों वहाँ से भाग जाती हैं। दूर से काविर यह सब देख लेती है और अपनी नौकरानी से कहती है कि क्या यह लियोल नहीं है। बाहर पहुँचकर यंजू हेरिम को छोड़ देती है और मज़ाक में कहती है कि वह क्यूट है, फिर वहाँ से चली जाती है।
यंजू उस जगह पहुँचती है जहाँ वह पहले बेहोश हुई थी। वहाँ सैनिक और यूनबोक पहले से मौजूद होते हैं। यूनबोक उससे पूछता है कि वह कहाँ चली गई थी और बताता है कि गिलडोंग पर चीफ इंस्पेक्टर की हत्या का आरोप लगा है।
यंजू साफ कह देती है कि गिलडोंग ऐसा नहीं कर सकता। वह सिर्फ छोटी-मोटी चोरियाँ करता है और किसी की हत्या नहीं करेगा। यूनबोक भी मानता है कि यंजू सही कह रही है। इसके बाद यंजू लियोल को ढूंढने के लिए भाग जाती है।
पहली बार आमने-सामने और सोल एक्सचेंज की पुष्टि
दूसरी ओर, यंजू के शरीर में लियोल की आत्मा साम के घर में होती है। बाहर सक्सम और डोंगजू यंजू के बारे में बातें कर रहे होते हैं कि वह अचानक वहाँ क्या कर रही थी। अंदर यंजू (लियोल की आत्मा) सोई होती है।
थोड़ी देर बाद असली यंजू वहाँ पहुँचती है और अपने शरीर को देखकर डर जाती है। वह सोचती है कि शायद वह मर चुकी है। वह लियोल को जगाने की कोशिश करती है और जब उसकी आँखें खुलती हैं, तो दोनों एक-दूसरे को देखकर सच्चाई समझ जाते हैं। यंजू कहती है कि उनकी आत्माएँ बदल चुकी हैं और उन्हें इसका हल ढूंढना होगा।
झूठ, पछतावा और अधूरी भावनाएँ
सुबह निकलते समय लियोल यंजू से उसके कपड़ों पर तंज करता है। तभी जीआई आता है और बताता है कि यंजू के पति की मौत हो चुकी है। यह सुनकर लियोल को यंजू के पुराने झूठ याद आते हैं, जब उसने कहा था कि वह किसी और से प्यार करती है और उसकी शादी होने वाली है।
रास्ते में यंजू माफी मांगती है और कहती है कि उस वक्त उसे यही सही लगा था। लियोल गुस्से में होता है, लेकिन मजबूरी में कुछ कह नहीं पाता क्योंकि यंजू उसकी बॉडी में है। वह बस इतना कहता है कि वह हार नहीं मानेगा और उनकी आत्माओं को वापस करने का तरीका ढूंढेगा।
यंजू का परिवार और टूटा हुआ सच
यंजू की माँ सुनसियोम और उसका भाई यह जानकर टूट जाते हैं कि यंजू के पति की मौत हो गई है। दूसरी ओर, यंजू और लियोल आत्मा बदलने का तरीका ढूंढते हैं। वे कई अजीब-अजीब कोशिशें करते हैं, लेकिन कुछ भी काम नहीं करता।
उन्हें याद आता है कि जब आत्मा बदली थी, तब कर्फ्यू लगा हुआ था। वे तय करते हैं कि कर्फ्यू के वक्त फिर से वही करना होगा। उसी रात महल के बाहर खड़े होते हैं, लेकिन तभी डेचुल आ जाता है और लियोल को क्राउन प्रिंस कहकर बुला देता है।
डेचुल को चुप कराने की कोशिश नाकाम हो जाती है और मजबूरी में लियोल खुद सच बता देता है कि वह क्राउन प्रिंस है। यंजू सन्न रह जाती है। उसे समझ आता है कि वह किस तरह के इंसान के साथ उलझ चुकी है।
महल पहुँचने पर क्वीन डाउजर लियोल से नाराज़ होती है और पूछती है कि वह रात भर कहाँ था। गुस्से में उसकी तबीयत बिगड़ने लगती है। तभी यंजू (लियोल की बॉडी में) आगे बढ़कर उसका ख्याल रखती है। क्वीन डाउजर उससे प्रभावित हो जाती है और उसे अपने पास रखने का फैसला करती है।
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यंजू की फैमिली से मुलाकात और माँ का दर्द
दूसरी ओर, यंजू की फैमिली उससे मिलने आती है। लियोल, जो यंजू की बॉडी में है, किताब देखकर सब याद करता है और खुद को संभालता है। उसका भाई उस पर गुस्सा करता है और कहता है कि उसे पति की मौत की कोई परवाह नहीं।
अंदर माँ से बात करते हुए लियोल को पता चलता है कि यंजू ने अपनी शादी की सच्चाई किसी को नहीं बताई थी। उसकी माँ रोते हुए कहती है कि वह उसे प्रोटेक्ट नहीं कर पाई और उसे पैसे देकर भाग जाने को कहती है। लेकिन लियोल मना कर देता है और वादा करता है कि वह उसे चोट नहीं पहुँचाएगा।
एपिसोड में एक बड़ा खुलासा होता है जब सायोंग और उसका पिता बात करते हैं। पता चलता है कि चीफ इंस्पेक्टर की हत्या सायोंग ने की थी। इंस्पेक्टर ने किंग लीग और अगरबत्तियों के ज़रिए दिमाग पर असर डालने वाली साज़िश का राज खोलने की धमकी दी थी, इसलिए उसे मार दिया गया।
गिलडोंग का पीछा और चौंकाने वाला मोड़
महल में यंजू (लियोल की बॉडी में) अगरबत्तियों और जड़ी-बूटियों की सच्चाई जान लेती है और किंग को चेतावनी देती है। दूसरी ओर, गिलडोंग को पकड़ने के लिए सैनिक पीछा करते हैं। एक नकाबपोश तीर चलाता है और गिलडोंग नीचे गिर जाता है।
सब समझते हैं कि गिलडोंग मर चुका है, लेकिन असल में वह कोई और होता है। रात को जब सैनिक नकली बॉडी को दफनाने जाते हैं, तब लियोल वहाँ छिपा होता है। उसे यकीन होता है कि असली गिलडोंग को लेने कोई ज़रूर आएगा।
आखिरी सीन और आमने-सामने की टक्कर
अंधेरे में एक नकाबपोश आता है। लियोल हमला करता है और दोनों के बीच ज़बरदस्त फाइट होती है। जैसे ही दोनों अपने-अपने मास्क हटाते हैं, सामने सच्चाई आ जाती है—एक तरफ यंजू होती है और दूसरी तरफ लियोल।
इसी आमने-सामने की टक्कर के साथ Episode 5 खत्म हो जाता है और कहानी Episode 6 के लिए और भी ज़्यादा रोमांचक हो जाती है।
To My Beloved Thief Episode 5 Review
Episode 5 देखने के बाद ऐसा लगता है कि To My Beloved Thief अब दिल से खेलना शुरू कर चुका है। यंजू की घबराहट, लियोल का गुस्सा और दोनों की मजबूरी बहुत नेचुरल लगती है। सबसे खूबसूरत बात यह है कि कॉमेडी और दर्द एक साथ चलते हैं, बिना ज़बरदस्ती के। आत्मा बदलने वाला कॉन्सेप्ट यहाँ सिर्फ फैंटेसी नहीं लगता, बल्कि किरदारों के इमोशंस को और गहरा कर देता है। Episode 5 साफ बता देता है कि आगे की कहानी सिर्फ रोमांचक नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से भी भारी होने वाली है।







